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अप्रवासी भारतीयों को भारत से ही वापस बाहर भेजने का कैप्टन अमरिंदर को कोई हक़ नहीं

Date 23 Jan 2017

अप्रवासी भारतीयों को भारत से ही वापस बाहर भेजने का कैप्टन अमरिंदर को कोई हक़ नहीं

पंजाब की धरती कैप्टन अमरिंदर की व्यक्तिगत जागीर नहीं, पंजाब के अप्रवासी भारतीयों को भी पंजाब की मिट्टी से है प्यार

 

जिस तरह से कांग्रेस नेता कैप्टन अमरिंदर ने पंजाब के अप्रवासी भारतीयों को वापस भेजने की शिकायत चुनाव आयोग से की है वो बेहद ही निंदनीय है और शर्मनाक भी। पंजाब की मिट्टी और पंजाब की धरती का विदेशों में मान बढ़ाने वाले हमारे भाईयों को अपने ही देश और अपनी ही धरती से दुनिया की कोई ताक़त अलग नहीं कर सकती। पंजाब की धरती कैप्टन अमरिंदर सिंह की व्यक्तिगत जागीर नहीं है, अप्रवासी भारतीय भाइयों का भी पंजाब की मिट्टी पर उतना ही अधिकार है जितना कि यहां रहने वालों का। कैप्टन अमरिंदर और कांग्रेस पार्टी ने बादलों के साथ मिलकर जो आज तक पंजाब को लूटा है उसकी पोल खुलते देख कैप्टन बौखला गए हैं, उन्हें अपनी हार सामने खड़ी नज़र आ रही है और इसीलिए वो ऐसा कर रहे हैं।

दिल्ली स्थित पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय में आयोजित हुई प्रेस कॉंफ्रेंस में बोलते हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और दिल्ली संयोजक दिलीप पांडे ने कहा कि ‘यह बेहद शर्मनाक और निंदनीय है कि कैप्टन अमरिंदर ने जिस तरह से आम आदमी पार्टी समर्थक अप्रवासी भारतीयों की पंजाब में मौजूदगी पर सवाल उठाया है और चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए उन्हें पंजाब से बाहर करते हुए वापस भेजने की मांग की है। पंजाब के ही लोगों को पंजाब से निकालने की बात बेहद ही शर्मनाक है और आम आदमी पार्टी इसकी कड़े शब्दों में निंदा करती है। हम कैप्टन अमरिंदर और पूरी कांग्रेस पार्टी को यह कहना चाहते हैं कि पंजाब के वो भाई जो आज अप्रवासी भारतीय हैं लेकिन उनके मन में पंजाब का दर्द बसता है, और वो अपने इसी दर्द को दूर करने के लिए यहां आए हैं और उनको अपनी मातृभूमि की मिट्टी से आज भी उतना ही प्यार है जितना कि यहां रहने वाले नागरिक को है, वो भाई पंजाब को तकलीफ़ से निकालने के लिए ही यहां आए हैं।

पंजाब की धरती कैप्टन अमरिंदर या कांग्रेस पार्टी की जागीर नहीं है कि वो उस पर सिर्फ़ अपना ही अधिकार जमाएंगे। कैप्टन साहब, वो दिन लद गए जब आपके पूर्वज अंग्रेजों के साथ पोलो और गोल्फ़ खेला करते थे, हम कैप्टन अमरिंदर सिंह से कहना चाहते हैं कि कैप्टन साहब ज़रा आप अपनी राजशाही के ख़ुमार से बाहर निकलकर धरती पर आइए, भारत में इस वक्त लोकतंत्र का शासन है और आप किसी को भी उसकी मातृभूमि से बाहर निकल जाने के लिए नहीं कह सकते क्योंकि आपको ऐसा करने का अधिकार ही नहीं है। विदेशों में रहने वाले हमारे इन भाइयों का इस देश की और पंजाब की मिट्टी से उतना ही लगाव है जितना कि यहां रहने वाले हम लोगों का। कैप्टन अमरिंदर और कांग्रेस पार्टी को आज पंजाब के ही लोगों से इतना डर लगने लगा है, इतने खौफ़ में हैं और इतने भयभीत हैं कि अब पंजाब के लोगों को ही पंजाब से बाहर भेजने की बात करने लगे हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह जिस राजशाही के खुमार में जी रहे हैं उस राजशाही के ख़ुमार को इस बार पंजाब की जनता मुंहतोड़ जवाब देते हुए उतार कर फेंकने के लिए तैयार बैठी है।

 

PM मोदी स्टेट मशीनरी का कर रहे हैं आम आदमी पार्टी के ख़िलाफ़ राजनीतिक दुरुपयोग

AAP नेताओं, विधायकों और मंत्रियों के ख़िलाफ़ सभी मुकदमे फ़र्ज़ी, मीडिया ने भी यह बात मानी 

 

देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी दिल्ली में अपनी और भारतीय जनता पार्टी की हार को अब तक नहीं पचा पा रहे हैं और इसी का नतीजा है कि आज भी आम आदमी पार्टी के विधायकों और मंत्रियों के ख़िलाफ़ पुलिस से लेकर सीबीआई में फर्ज़ी मुकदमे दर्ज़ करवाए जा रहे हैं। अब तो मीडिया का एक हिस्सा भी मानने लगा है कि जितने भी मुकदमे आम आदमी पार्टी के नेताओं के ख़िलाफ़ पिछले दो साल में हुए हैं वो सभी फर्ज़ी हैं और राजनीतिक मंशा के तहत किए गए हैं और आम आदमी पार्टी भी पिछले दो साल से यही बात बोल रही है।

प्रेस कांफ्रेंस में बोलते हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और दिल्ली संयोजक दिलीप पांडे ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में हुई हार को अब तक नहीं पचा पा रहे हैं और इसी का नतीजा है कि हाल ही में दिल्ली सरकार की पूरी कैबिनेट के पीछे सीबीआई छोड़ दी गई है। मोदी जी के अंतर्मन में राजनीतिक विद्वेष इतना भीतर तक घर कर गया है कि वो देश के सभी ज़रूरी कार्य छोड़कर सिर्फ़ आम आदमी पार्टी के पीछे हाथ धोकर पड़ गए हैं। मीडिया का एक हिस्सा भी अब यह बात स्वीकार करने लगा है कि पिछले दो साल में जितने भी मुकदमे आम आदमी पार्टी के विधायकों और मंत्रियों के ख़िलाफ़ हुए हैं वो फ़र्ज़ी हैं और एक राजनीतिक मंशा से किए गए हैं। अखिलेश प्रति त्रिपाठी से लेकर हाल में जरनैल सिंह के ख़िलाफ़ किया गया झूठा मुकदमा रहा हो, सभी मुकदमे कोर्ट के अंदर औंधे मुंह गिरे हैं और पुलिस को कोर्ट ने बुरी तरह से लताड़ा भी है। दिल्ली पुलिस पिछले दो साल से आम आदमी पार्टी के ख़िलाफ़ पक्षपातपूर्ण तरीके से काम कर रही है। हम मोदी जी को बता देना चाहते हैं कि आम आदमी पार्टी मोदी जी की किसी सीबीआई, पुलिस, इनकम टैक्स और ईडी से डरने वाली नहीं है।

तिलक नगर से विधायक जरनैल सिंह के मामले में अब जब कोर्ट ने उस केस को झूठा मानते हुए खारिज कर दिया है तो आम आदमी पार्टी के विधायक के मान-सम्मान को क्षति पहुंचाने की ज़िम्मेदारी कौन लेगा? क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ज़िम्मेदारी लेंगे? क्या गृहमंत्री राजनाथ सिंह ज़िम्मेदारी लेंगे? क्या उस वक्त के दिल्ली पुलिस आयुक्त श्री भीम सेन बस्सी ज़िम्मेदारी लेंगे और अपने बयान के लिए सामने आकर माफ़ी मांगेंगे?

मोदी जी अपनी दिल्ली की हार को अब तक ना स्वीकार कर पाए हैं और ना सहन कर पाए हैं, अब तो उन्हें दो हार और मिलने देने की तैयारी पंजाब और गोवा की जनता कर चुकी है और उम्मीद करते हैं कि शायद इसके बाद उन्हें अपने मन की बात कि बजाए जनता के मन की बात का अहसास हो।

 

आनंद शर्मा पहले कांग्रेस की अवैध विदेशी फंडिंग की जांच कराएं, कांग्रेस का 80 प्रतिशत चंदा बेनामी:  AAP

विदेशों से अवैध फंडिंग लेने के मामले में कांग्रेस-बीजेपी को कोर्ट ने पाया है दोषी

आम आदमी पार्टी के पास चंदे की पाई-पाई का हिसाब, किसी भी मंच पर बहस करने के लिए हैं तैयार

 

आम आदमी पार्टी के चंदे पर सवाल उठाने वाले कांग्रेस नेता श्री आनंद शर्मा पहले अपनी कांग्रेस पार्टी के चंदे और खातों की जांच करा लें जिसका 80 प्रतिशत चंदा कैश में और बेनामी स्त्रोतों से आता है। कांग्रेस और बीजेपी दोनो पार्टियों को साल 2014 में हाई कोर्ट ने अवैध विदेशी फंडिंग लेने का दोषी पाया है। आम आदमी पार्टी अपने चंदे की पाई-पाई का हिसाब रखती है और हम जनता के सामने किसी भी खुले मंच पर चंदे और फंडिंग पर बहस करने के लिए तैयार हैं, क्या कांग्रेस-बीजेपी ऐसा कर सकती हैं?

दिल्ली स्थित पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय में आयोजित हुई प्रेस कॉंफ्रेंस में बोलते हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राघव चड्ढा ने कहा कि ‘आम आदमी पार्टी की फंडिंग पर सवाल उठाने वाले कांग्रेस नेता आनंद शर्मा पहले अपनी कांग्रेस पार्टी की उस 80 प्रतिशत कैश फंडिंग पर जांच कराने के लिए आवाज़ उठाएं जिसके बारे में खुद कांग्रेस को भी नहीं पता है कि उन्हें वो पैसा कौन दे गया। और यह हाल सिर्फ़ कांग्रेस का ही नहीं है बल्कि भारतीय जनता पार्टी की भी 70 प्रतिशत से ज्यादा फंडिंग कैश में और बेनामी स्त्रोतों से आती है जिसकी जांच कराने की बात इन दोनो पार्टियों के नेता कभी नहीं करते।

‘मई 2014 में खुद कांग्रेस की यूपीए सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में हलफ़नामा देकर यह कहा था कि आम आदमी पार्टी के चंदे की सरकारी एजेंसियों द्वारा सभी तरह की जांच कर ली गई है और जांच में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी चंदे में नहीं पाई गई है। इसके बाद फरवरी 2015 में भी केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया था कि आम आदमी पार्टी के चंदे में कोई गड़बड़ी नहीं है। जबकि इसके उलट कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी को दिल्ली हाई कोर्ट ने अवैध विदेशी चंदा प्राप्त करने का दोषी पाया था और इन दोनो पार्टियों की मान्यता रद्द होने का खतरा तक पैदा हो गया था, उसके बाद कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फ़ैसले पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था। इसी का नतीजा था कि इन दोनों पार्टियों ने संसद में एक दूसरे से हाथ मिलाकर अतीतलक्षी ढंग से कानून में बदलाव करके अपनी पार्टियों की मान्यता रद्द होने से बचाया।

आम आदमी पार्टी को चंदा देने वाले लोग सिर्फ़ भारतीय ही होते हैं। लेकिन देश की जनता यह जानना चाहती है कि जिस कम्पनी ने कांग्रेस को वो विदेशी फंडिंग की थी उस कम्पनी को कांगेस पार्टी ने कौन से प्राकृतिक स्त्रोत आवंटित कराए? कौन से राज्यों में आवंटित कराए? इसका भी जवाब आनंद शर्मा जी को देना चाहिए कि जिस विदेशी कम्पनी ने कांग्रेस को फंडिंग की थी उस विदेशी कम्पनी की किस भारतीय कम्पनी को कांग्रेस ने यूपीए सरकार के वक्त कौन कौन से प्राकृतिक स्त्रोत आवंटित किए थे? इस पर भी आनंद शर्मा जी को बात करनी चाहिए।

हम बताना चाहेंगे कि आम आदमी पार्टी अपना 92 प्रतिशत चंदा बैंकिंग सिस्टम से लेती है और सिर्फ़ 8 प्रतिशत चंदा ही कैश में आता है जिसे पूरी जानकारी के साथ बाद में बैंक में जमा करा दिया जाता है। आम आदमी पार्टी के पास उसके चंदे की पाई-पाई का हिसाब है लेकिन क्या भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी के पास उसके चंदे और फंडिंग का पूरा हिसाब है?  हम आनंद शर्मा जी और भारतीय जनता पार्टी को भी चुनौती देते हैं कि वे अपनी-अपनी पार्टी के कोषाध्यक्ष के साथ अपने खातों को लेकर जंतर-मंतर या फिर किसी और स्थान पर बहस करने के लिए आ जाएं, आम आदमी पार्टी जनता के सामने किसी भी मंच पर अपने चंदे पर बहस करने के लिए तैयार है, जनता को सभी पार्टियों की चंदे और फंडिंग की जानकारी होना ज़रूरी है ताकि जनता के सामने दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए। 

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