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निगम कर्मचारियों को तनख्वाह देने कि बजाए कुछ लोगों की जेब में जा रहा है पैसा

PR/AAP/Delhi/25Jan17/MCDPensionScam

बीजेपी शासित MCD में सामने आया क़रीब 2000 करोड़ रुपए का पेंशन घोटाला

निगम कर्मचारियों को तनख्वाह देने कि बजाए कुछ लोगों की जेब में जा रहा है पैसा   

बीजेपी शासित एमसीडी के इस पेंशन घोटाले की तुरंत सीबीआई जांच हो: AAP

निगम कर्मचारियों की तनख्वाह देने कि बजाए भारतीय जनता पार्टी शासित दिल्ली नगर निगम में क़रीब 2000 करोड़ रुपए का पेंशन घोटाला सामने आ गया है। आम आदमी पार्टी इसी बात को पिछले कई साल से लगातार दोहरा रही है कि भारतीय जनता पार्टी ने MCD को Most-Corrupt-Departmentबनाया हुआ है जिसके पास ग़रीब सफ़ाई कर्मचारियों को तनख्वाह देने के लिए पैसे नहीं हैं लेकिन पेंशन घोटाले के माध्यम से नेताओं और अफ़सरों की जेब में डालने के लिए पैसे हैं। नगर निगम के चीफ़ ऑडिटर की रिपोर्ट में इस पेंशन घोटाले का ज़िक्र किया गया है जिसके तहत यह सामने आया है कि यह सारा पैसा पिछले 17 साल में पेंशन के माध्यम से किसके पास गया है इसकी कोई जानकारी नहीं है। आम आदमी पार्टी इस घोटाले की सीबीआई जांच की मांग करती है और अगर केंद्र सरकार इसमें कुछ आनाकानी करती है तो आम आदमी पार्टी इस घोटाले की जांच की मांग को लेकर कोर्ट का रुख करेगी।

इस मुद्दे पर आयोजित हुई प्रेस कॉंफ्रेंस में बोलते हुए करावल नगर से पार्टी विधायक और दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि ‘हम पिछले कई साल से एक बात बोल रहे थे जो एक रिपोर्ट के माध्यम से सच साबित हो जाती है। हम लगातार यह कह रहे थे कि भारतीय जनता पार्टी शासित एमसीडी में निगम कर्मचारियों की तनख्वाह के लिए जो पैसा जाता है उस पैसे को एमसीडी की सत्ता में बैठे कुछ लोग अपनी जेब में डाल लेते हैं और कर्मचारियों को भूखा मरने के लिए छोड़ दिया जाता है। पिछले दो साल में दिल्ली की वर्तमान केजरीवाल सरकार ने पिछली सरकारों की तुलना में ज्यादा पैसा नगर निगम को दिया है और पिछले लोन का पैसा भी निगमों से नहीं लिया जा रहा है बावजूद इसके निगम में बैठे भारतीय जनता पार्टी के नेता अपने कर्मचारियों को तनख्वाह नहीं दे रहे हैं।  

एमसीडी के चीफ़ ऑडिटर की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि साल 2000 से लेकर अब तक दिल्ली नगर निगम में कुल क़रीब 2000 करोड़ रुपए का पेंशन घोटाला किया गया है। यह सारा पैसा पेंशन के नाम पर किसके पास गया इसकी कोई जानकारी नहीं मिली है। हम यही बात पिछले काफ़ी लम्बे समय से कहते हुए आ रहे हैं कि जो पैसा दिल्ली सरकार एमसीडी को जारी करती है उसे निगम की सत्ता में बैठे कुछ लोग मिल-बांटकर अपनी जेब में डाल लेते हैं।

दिल्ली नगर निगम की सत्ता में बैठे भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के पास निगम के सफ़ाई कर्मचारियों को तनख्वाह देने के लिए पैसा नहीं है लेकिन पेंशन घोटाला करने के लिए इनके पास फंड भी होता है और टाइम पर वो फंड जारी भी कर दिया जाता है। निगम कर्मचारी हर महीने अपनी मेहनत की तनख्वाह के लिए सड़कों पर उतरकर संघर्ष करता है लेकिन भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को फ़िक्र उस पेंशन के फंड की रहती है जो पेंशन घोटाले के माध्यम से किसके अकाउंट्स में जा रहा है उसकी कोई जानकारी ही नहीं है कि। पिछले सत्रह साल में एमसीडी की सत्ता में भारतीय जनता पार्टी भी रही है और कांग्रेस पार्टी भी रही है, ज्यादातर भारतीय जनता पार्टी की सत्ता रही है और कांग्रेस विपक्ष में रही है लेकिन ऐसा लगता है कि इस पेंशन घोटाले को मिल-बांटकर अंजाम दिया जा रहा था।

आम आदमी पार्टी दिल्ली नगर निगम के इस क़रीब 2000 करोड़ रुपए के पेंशन घोटाले की तुरंत सीबीआई जांच की मांग करती है। और अगर भारतीय जनता पार्टी शासित केंद्र की मोदी सरकार इस तरफ़ कोई ध्यान नहीं देगी तो आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को लेकर कोर्ट का रुख भी कर सकती है।

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