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Press Statement of Rohtak Rally, 01 January

Date 1 Jan 2017

हरियाणा के रोहतक में मोदी सरकार के 8 लाख करोड़ के नोटबंदी घोटाले का ख़ुलासा किया अरविंद केजरीवाल ने

नोटबंदी की वजह से देशभर में हुई यौ से ज़्यादा मौतें, ये मौतें नहीं हत्याएं हैं जो मोदी सरकार ने की हैं

जनता के पैसों से उद्योगपतियों के 8 लाख करोड़ रूपए के लोन माफ़ करने की तैयारी में है मोदी सरकार

'गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए मोदी जी ने बिरला-सहारा से 65 करोड़ रूपए की रिश्वत ली थी'
 

रविवार 1 जनवरी को हरियाणा के रोहतक  में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हज़ारों की संख्या में मौजूद हरियाणा वासियों को सम्बोधित किया। इस रैली में पूरे प्रदेश के कार्यकर्ताओं ने शिरकत की। रैली में हज़ारों की संख्या में आम जन शामिल हुए। मैदान खचाखच भरा था और जितनी भीड़ मैदान के अंदर थी उतनी ही भीड़ मैदान के बाहर भी थी जो एलईडी स्क्रीन पर दिल्ली के मुख्यमंत्री के भाषण को ग़ौर से सुन रही थी।

दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार के द्वारा किए जा रहे 8 लाख़ करोड़ रुपए के घोटाले का जनता के बीच जाकर पर्दाफ़ाश किया। सभा में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मंत्री कपिल मिश्रा, विधायक और हरियाणा  के प्रभारी नरेश बाल्यान और हरियाणा प्रदेश के संयोजक नवीन जयहिंद भी मौजूद रहे।

रोहतक में हुई आम आदमी पार्टी की इस रैली में हज़ारों की संख्या में आई भीड़ को सम्बोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पूरे सुबूतों के साथ हरियाणा की जनता को यह बताया कि कैसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश की ईमानदार जनता को लाइनों में लगाकर अपने उद्योगपति दोस्तों का 8 लाख करोड़ रुपए का लोन माफ़ करा रहे हैं। बैंकों की लाइनों में लगकर आम लोगों की मौतें हो रही हैं और मोदी जी अपने दोस्तों के लोन माफ़ किए जा रहे हैं। दरअसल नोटबंदी की वजह से हो रही मौतें, मौतें नहीं बल्कि हत्याएं हैं और ये हत्याएं देश की मोदी सरकार कर रही है।

"मैं अभी हाल ही में पंजाब गया, वहां एक किसान की बेटी की शादी थी, उस किसान ने उम्रभर मेहनत करके पैसा जमा किया था और बैंक में डाला था। वो बैंक में पैसा निकलवाने गया तो बैंक कर्मियों ने पैसा देने से मना कर दिया। जब वो किसान अपना बेटी को लेकर बैंक गया कि बैंक कर्मियों को उस पर दया ही आ जाए, लेकिन बैंक कर्मियों ने फिर भी उसे चार हज़ार रूपए ही दिए। घर आकर उस किसान ने आत्महत्या कर ली। ये दरअसल हत्या थी जो मोदी जी की सरकार ने की।" 
 

"नोटबंदी की यह स्कीम भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ नहीं बल्कि कालाधन रखने वाले लोगों का पैसा सफ़ेद करने के लिए और मोदी जी के उद्योगपति दोस्तों का लोन माफ़ कराने के लिए लाई गई है।“
 
मोदी जी ने अपने उद्योगपति दोस्तों को भी बता दिया था कि 8 नवम्बर से 500 और 1000 के नोट बंद होने वाले हैं और फिर उनके इन दोस्तों ने भी अपना सारा काला पैसा ठिकाने लगा दिया और उसके बाद देश की ईमानदार जनता को बैंकों की लाइनों में लगा दिया और मरने के लिए सड़कों पर ला दिया।“

“इस देश के अंदर पिछले कुछ सालों में कालेधन और भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ हमने खूब जमकर लड़ाई लड़ी है, और यह बात सारा देश जानता है। भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ हमने अपनी जान की बाज़ी तक लगा दी, मैं खुद डायबिटीज़ का मरीज़ होने के बावजूद दो बार अनशन पर बैठा जहां मेरी जान तक जा सकती थी। ऐसे वक्त में जब रॉबर्ट वाड्रा का नाम लेने से लोग डरते थे तब मैंने रॉबर्ट वाड्रा के भ्रष्टचार को देश के सामने रखा था, जिन शक्तिशाली लोगों के ख़िलाफ़ इस देश में किसी की बोलने हिम्मत नहीं होती उन लोगों के नाम मैंने स्विस बैंक के अकाउंट नम्बर के साथ प्रेस कॉंफ्रेंस करके जनता के सामने रखे थे, भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ते हुए अपनी जान की बाज़ी तक हमने लगाई है”

“नोटबंदी का यह फ़ैसला वाकई भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ होता तो हम खुद केंद्र सरकार का साथ देते। लेकिन मोदी सरकार नोटबंदी की आड़ में आज़ाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला कर रही है और इस भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ भी लड़ने के लिए हम जान की बाज़ी लगा देंगे”

“मोदी सरकार द्वारा किया जा रहा यह घोटाला 8 लाख करोड़ रुपए का है। इस देश में सरकारी बैंकों ने बड़े-बड़े उद्योगपतियों और बड़े बड़े घरानों को 8 लाख करोड़ रुपए का कर्ज़ दे रखा है। इस बारे में तो आरबीआई और सीएजी की भी रिपोर्ट है कि ये बड़े-बड़े अरबपति लोग बैंकों का 8 लाख करोड़ रुपए डकार गए। कुछ लोगों ने अपना पैसा विदेश भेज दिया तो कुछ ने ठिकाने लगा दिया और अब उन 8 लाख करोड़ रुपए में से कुछ नहीं बचा है जो बैंकों को वापस दिया जा सके। भारत के सारे सरकारी बैंक खाली हो गए। मोदी जी ने उन लोगों का 8 लाख करोड़ रुपए में से 1 लाख 14 हज़ार करोड़ रुपए का लोन तो माफ़ कर दिया। और जब सुप्रीम कोर्ट मोदी जी से पूछ रहा है कि ये कौन से लोग हैं जिनका कर्ज़ा माफ़ किया है तो मोदी जी सुप्रीम कोर्ट को भी नहीं बता रहे कि वो लोग कौन हैं। विजय माल्या ने बैंकों का 8 हज़ार करोड़ रुपया ब्याज़ पर उठा रखा था। एक दिन रात को मोदी जी ने चुपके से हवाई जहाज़ में बिठा कर उसे देश से बाहर भेज दिया, अब वो इंग्लैंड में बैठ कर मज़े मार रहा है और यहां भारत की जनता को बैंकों की लाइन में लगा रखा है।“

“मोदी सरकार ने ऐसे लोगों के 1 लाख 14 हज़ार करोड़ रुपए तो माफ़ कर दिए लेकिन मोदी जी के सामने यह समस्या खड़ी हो गई कि अब इन बड़े उद्योगपतियों के बाकि बचे लोन माफ़ करने के लिए पैसा कहां से आएगा। उसके बाद मोदी जी और अमित शाह ने ये सारा षडयंत्र रचा जिसके तहत 500 और 1000 के नोट बंद कर दिए गए और कहा गया कि जनता अपने पैसे बैंक में डाल दे। अब बैंकों में पूरे देश भर से लोग पैसा जमा कर रहे हैं जिससे मोदी जी उन बड़े उद्योगपतियों का बचा 7 लाख करोड़ रुपए का लोन माफ़ करने वाले हैं। इसीलिए जनता से कहा जा रहा है कि वो 2 हज़ार या 4 हज़ार से ज्यादा पैसा नहीं निकाल सकती। जनता लाइनों में धक्के खा-खा के अपने खून-पसीने की कमाई बैंकों में जमा करा ही रही थी कि मोदी जी ने जनता की इस कमाई से उन बड़े लोगों का लोन माफ़ करना भी शुरू कर दिया है। जिसका सबसे बड़ा सबूत यह है कि अभी कुछ दिन पहले ही स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने कुछ अरबपतियों के 6 हज़ार करोड़ रुपए माफ़ भी कर दिए हैं जिसमें विजय माल्या के 1200 करोड़ रुपए भी माफ़ किए गए हैं। उसी विजय माल्या के जिसे मोदी जी ने मार्च के महीने में हवाई जहाज़ में बिठाकर इस देश से भगा दिया था। भारत की जनता ने लम्बी-लम्बी लाइनों में लग-लग कर जो अपनी मेहनत की कमाई बैंकों में जमा कराई थी वो मोदी सरकार ने बड़े-बड़े उद्योगपतियों को बांटनी भी शुरु कर दी। जनता के साथ ये धोखा मोदी सरकार कर रही है”

“प्रधानमंत्री मोदी की इन उद्योगपतियों के साथ आख़िर कौन सी दोस्ती है? मैं बताता हूं कि आख़िर मोदी जी की इन बड़े-बड़े लोगों के साथ कौन सी दोस्ती है। हम पहले माना करते थे कि मोदी जी बहुत ईमानदार इंसान हैं लेकिन हमारा यह भ्रम तब टूटा जब किसी ने हमें वो कागज़ भेजे जिसमें यह लिखा था कि देश के एक नामी उद्योगपति बिरला से मोदी जी ने गुजरात का सीएम रहते हुए 25 करोड़ रुपए की रिश्वत ली थी। वित्त मंत्रालय में बड़े उंचे पद पर बैठे हुए एक अफ़सर ने हमें ये कागज़ भेजे जिसमें ये सारी बातें लिखी थी और यह जानकारी इनकम टैक्स विभाग ने बिरला ग्रुप पर मारी गई अपनी रेड़ में बरामद की थी। उस कागज़ पर लिखा था कि ‘गुजरात सीएम को 25 करोड़ रुपए जाने हैं जिसमें से 12 करोड़ रुपए जा चुके हैं बाकी पैसे जाने हैं’। अभी हाल ही में कुछ अख़बारों में छपा है कि 22 नवम्बर 2014 को सहारा ग्रुप पर मारी गई इनकम टैक्स की रेड़ में करोडों रुपए का कैश मिला और वहां से कुछ कागज़ भी मिले और उन कागज़ों में लिखा था कि पिछले सालों की अलग-अलग तारीखों पर अलग-अलग राशियों में कुल 40 करोड़ 10 लाख रुपए नरेंद्र मोदी जी को भेजे गए। इन जानकारियों की और कागज़ों की जांच होनी चाहिए थी लेकिन चूंकि नरेंद्र मोदी जी प्रधानमंत्री बन चुके थे और सारी ऐजेंसियां उनके हाथ में हैं तो उनके ख़िलाफ़ कोई जांच नहीं की गई”

"बिरला-सहारा पर छापेमारी के इन काग़जों को हम तो पिछले सवा महीने से देश की जनता के दिखा रहे हैं और जनता के सच्चाई बता रहे हैं लेकिन सुना है कि अब राहुल गांधी जी भी इन कागज़ों को लेकर जनता के सामने नाटक कर रहे हैं। दोस्तों नाटक इसलिए कि बिरला के यहां रेड़ साल 2013 में हुई थी और उस वक्त केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, अगर उस वक्त राहुल गांधी जी देश को यह बता देते कि नरेंद्र मोदी बिरला से रिश्वत लेते हैं तो मोदी कभी प्रधानमंत्री नहीं बन पाते। लेकिन दोस्तों राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, इन बड़े बड़े उद्योगपतियों से दोनों पार्टियों की गहरी दोस्ती है और ये जनता में नाटक करके हमें बेवकूफ़ बनाने की कोशिश करते हैं। इन बड़े बड़े उद्योगपतियों के ख़िलाफ़ खुलकर बोलने की और कार्रवाई करने की हिम्मत सिर्फ़ आम आदमी पार्टी के पास है क्योंकि आम आदमी पार्टी जनता के दिए चंदे से ही चलती है।"

"दोस्तों, मोदी सरकार की यह नोटबंदी की स्कीम भी खराब थी, इसके पीछे नीयत भी खराब थी और इसका क्रियानवयन भी खराब था।"

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने रैली को सम्बोधित करते हुए कहा कि 'आज देश परेशान है और मोदी जी सिर्फ़ अपने उद्योगपति दोस्तों के फ़ायदे के लिए काम कर रहे हैं। पूरा देश लाइन में लगा रखा है सिर्फ़ अपने व्यक्तिगत भ्रष्टाचार के लिए। दिल्ली में मैं देखता हूंं कि व्यापारियों के काम-धंधे चौपट हो गए हैं, दुकानें बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं, बाज़ार सूने पड़े हैं क्योंकि ना लोगों के पास पैसा है और ना ही वो खरीदारी कर पा रहे हैं। मज़दूरों की नौकरियां जा रही हैं कर्मचारियों की नौकरियां जा रही हैं। लोगों के भूखो मरने की नौबत मोदी जी ने ला दी है। और इसका समाधान भी अब मोदी जी के पास नहीं है। दिक्कतें कब कम होगी ये मोदी जी बताने को तैयार नहीं हैं।" 

हरियाणा के प्रदेश संयोजक नवीन जयहिंद ने रैली को सम्बोधित करते हुए कहा कि 'हरियाणा में भी कांग्रेस और इनेलो के नेताओं ने मिलकर हरियाणा को लूटा है और अब बीजेपी लूट रही है । इन सभी पार्टियों के नेताओं ने जनता के पैसों को लूटने की सेटिंग कर रखी है। आज की तारीख़ में सिर्फ़ आम आदमी पार्टी ही एक ऐसी राजनीतिक पार्टी है जो इन दोनों पार्टियों की लूट और इनके उद्योगपति दोस्तों की लूट का विरोध करती है क्योंकि आम आदमी पार्टी इस देश के आम आदमी के चंदे से चलती है और आम आदमी के हक़ में ही काम करती है' 

 

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